भजन (१) चल अकेला, चल अकेला, चल अकेला
चल अकेला, चल अकेला, चल अकेला राधे राधे रटते राही चल अकेला सात मील लम्बा रास्ता तुझको बुलाता यहाँ दुखड़े हरने के बहाने तुझको बुलाता है कौन सा वो इंसान यहाँ पे जिस ने दुख ना झेला चल अकेला ... तेरा कोई साथ न दे तो तू उस से प्रीत जोड़ ले बिछौना वृंदावन को करके राधे राधे का जाप ओढ़ ले पूरा खेल अभी जीवन का तूने कहाँ है खेला चल अकेला ...
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