तुलसी_विवाह
#तुलसी_विवाह 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ #कार्तिकमास के शुक्लपक्ष की एकादशीतिथि में #देवठानी_ग्यारस अर्थात मांगलिक कार्यो पर लगी वर्जना के समाप्त होने, शुभकार्यो में देवों के आह्वान का पुनः आरंभ होने, और #तुलसीजी का #विवाह होने का भी शुभदिन है। इसमास में शुक्लपक्ष की एकादशीतिथि (देवोत्थानी एकादशी) के दिन तुलसी का विवाह शालिग्रामजी से हुआ था। तुलसी की महिमा अंनत और अपरंपार है,,, ♨ विष्णुजी को तुलसीमाता का श्राप था। शिवमहापुराण के अनुसार पुरातन समय में दैत्यों का राजा दंभ था, वह विष्णुभक्त था। बहुत समय तक जब उसके यहां पुत्र नहीं हुआ, तो उसने दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य को गुरु बनाकर उनसे श्रीकृष्ण मंत्र प्राप्त किया और पुष्कर में जाकर घोर तप किया, उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णुजी ने उसे पुत्र होने का वरदान दिया। ● भगवान विष्णुजी के वरदान स्वरुप दंभ के यहां पुत्र का जन्म हुआ (वास्तव में वह श्रीकृष्ण के पार्षदों का अग्रणी सुदामा नामक गोप था, जिसे राधाजी ने असुरों की योनी में जन्म लेने का श्राप दे दिया था) इसका नाम शंखचूड़ रखा गया, जब शंखचूड़ बड़ा हुआ तो उसने पुष्कर में जाकर ब्रह्माजी...