क्या एकादशी के व्रत का उद्यापन जरूरी है?
एकादशी व्रत क्यों करना चाहिए? एकादशी 'नित्य व्रत' है इसलिए नित्य-कर्म की तरह सभी वैष्णवों को इस व्रत का पालन अवश्य करना चाहिए। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को चन्द्रमा की एकादश (ग्यारह) कलाओं का प्रभाव जीवों पर पड़ता है। चन्द्रमा का प्रभाव शरीर और मन पर होता है, इसलिए इस तिथि में शरीर की अस्वस्थता और मन की चंचलता बढ़ जाती है। एकादशी व्रत क्यों करें कैसे करें और उसका क्या नियम है ? सभी धर्मों में व्रत-उपवास करने का महत्व बहुत होता है और हर व्रत के आने नियम कायदे भी होते हैं. खास कर हिंदू धर्म के अनुसार एकादशी व्रत करने की इच्छा रखने वाले मनुष्य को दशमी के दिन से ही कुछ अनिवार्य नियमों का पालन करना चाहिए. ऐसा करने से उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और व्रत का पूरा फल मिलता है. ये हैं एकादशी व्रत के महत्वपूर्ण नियम... - दशमी के दिन मांस, लहसुन, प्याज, मसूर की दाल आदि निषेध वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए. - रात्रि को पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. - एकादशी के दिन प्रात: लकड़ी का दातुन न करें, नींबू, जामुन या आम क...